प्रेस विज्ञप्ति

01-03-2026

गेल (इंडिया) लिमिटेड


श्री दीपक गुप्ता ने गेल (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया



नई दिल्ली, 1 मार्च, 2026 : श्री दीपक गुप्ता ने आज भारत की अग्रणी प्रमुख ऊर्जा कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियर श्री दीपक गुप्ता को तेल और गैस मूल्य श्रृंखला में 35 वर्षों से अधिक का बृहद अनुभव है। उन्हें तकनीकी, रणनीतिक और बोर्ड स्तर के नेतृत्व का व्यापक अनुभव एवं ज्ञान है। परियोजना और निर्माण प्रबंधन, संविदा एवं वैश्विक प्रापण, प्रौद्योगिकी चयन,व्यापार विकास, प्रचालन एवं अनुरक्षण आदि क्षेत्रों में उन्हें व्यापक विशेषज्ञता प्राप्त है।

श्री दीपक गुप्ता ने फरवरी 2022 में निदेशक (परियोजना) के रूप में गेल में कार्यभार ग्रहण किया। वे स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए राष्ट्रीय मानक स्थापित करते हुए प्राकृतिक गैस और एलपीजी पाइपलाइनों, गैस प्रसंस्करण इकाइयों, महत्वपूर्ण स्काडा इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित ऊर्जा पहल सहित कई अति प्रभावकारी पहलों के निष्पादन का नेतृत्व कर रहे हैं। वे 20,000 किलोमीटर से अधिक प्राकृतिक गैस और एलपीजी पाइपलाइनों, कंप्रेसर स्टेशनों और प्रोसेस प्लांटों के विशाल नेटवर्क के प्रचालन एवं अनुरक्षण (ओ एंड एम) गतिविधियों की देखरेख भी करते हैं। उनके कुशल नेतृत्व में, गेल ने कोंकण एलएनजी लिमिटेड (गेल की सहायक कंपनी) की दाभोल ब्रेकवाटर परियोजना को पूरा किया, ताकि प्रत्येक मौसम में निर्बाध रूप से उसका प्रचालन संभव हो सके। वे व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रचालन दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ाते हुए कई डिजिटल परिवर्तन पहलों के निष्पादन में अग्रणी रहे हैं।

इससे पहले, गेल के बोर्ड के सदस्य के रूप में तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के अध्यक्ष (भारत का प्रथम कोयला गैसीकरण आधारित उर्वरक परिसर), निदेशक- ओएनजीसी पेट्रो-एडिशन लिमिटेड (ओपीएएल) और दक्षिण-पूर्व एशिया गैस पाइपलाइन कंपनी लिमिटेड (एसईएजीपी) तथा ग्रीन गैस लिमिटेड एवं महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष के रूप में उन्होंने रणनीतिक लक्ष्य निर्धारण, हितधारक संरेखण, निगमित नियंत्रण एवं भावी व्यापार योजना आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इंजीनियर्स (इंडिया) लिमिटेड में अपने 32 वर्षों के करियर के दौरान, श्री गुप्ता ने जटिल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ऐतिहासिक परियोजनाओं को निष्पादित करने के लिए कई बड़ी क्रॉस-फंक्शनल टीमों का नेतृत्व किया, जैसे कि नाइजीरिया में विश्व की सबसे बड़ी सिंगल-ट्रेन डांगोट रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, भटिंडा में एचएमईएल का मेगा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स एवं पाता में गेल का पेट्रोकेमिकल विस्तार। उन्होंने मंगोलिया में पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी परियोजना का भी नेतृत्व किया, जिसने भारत की वैश्विक ऊर्जा डिप्लोमेसी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

एक अग्रणी विचारक और अत्यंत सृजनशील लेखक, श्री गुप्ता ने महत्वपूर्ण पैकेजों और फास्ट-ट्रैकिंग परियोजना निष्पादन में तेजी लाने की दिशा में कई तकनीकी पत्र / लेख लिखे हैं। परियोजना में गति लाने, डिजिटलीकरण और उत्कृष्टता पर उनके विचारों को सर्वोत्तम प्रथाओं के रूप में संस्थागत रूप दिया गया है।

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